पी.वी.सिंधु की जीवनी | P V Sindhu Biography In Hindi

दोस्तों आज हम P V Sindhu Biography In Hindi इस पोस्ट में भारत की मशहूर बैडमिंटन खिलाडी पी वी सिंधु की जीवनी के बारे में जानने वाले है। पी वी सिंधु ने कैसे बैडमिंटन में सफलता पायी, अभी तक वह कितनी प्रतियोगिता जीत चुकी है, उसका परिवार, उसके जीते हुए पदक और भी उनके जीवन की बहुत सी बातों को हम इस पोस्ट के माध्यम से जानने वाले हैं। दोस्तों आपको अगर पी वी सिंधु की जीवनी को विस्तार से जानना हैं, तो आप इस पोस्ट को पूरा पढ़ो।

पी.वी.सिंधु की जीवनी | P V Sindhu Biography In Hindi
P V Sindhu Biography In Hindi

P. V.Sindhu Biography In Hindi

मुद्दाजानकारी
पूरा नाम पुसरला वेंकट सिंधु
उपनामपी वी सिंधू
पेशा भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी
आयु 26 साल (2021 के अनुसार)
जन्म तिथी5 जुलाई 1995
लिंग महिला
जन्म स्थान हैदराबाद, भारत
राष्ट्रीयता भारतीय
कॉलेज सेंट एन कॉलेज फॉर विमेन, मेहदीपट्टनम
गृहनगर हैदराबाद, भारत
पिता का नाम पी. वी. रमण
माता का नाम पी. विजया
कोच का नामपुलेला गोपीचंद

पी वी सिंधु की शारीरिक स्थिती

ऊँचाई (लगभग)सेंटीमीटर में ऊंचाई 179 सेमी
फीट इंच में ऊँचाई 5 फीट 10 इंच
मीटर में ऊँचाई 1.79 मीटर
वजन (लगभग)किलोग्राम में वजन 65 किलोग्राम
पाउंड में वजन 150 पाउंड
आँखों का रंग काला
बालों का रंगकाला

पी वी सिंधु कौन हैं ? (Who is P. V. Sindhu)

पी वी सिंधु यह एक भारतीय लोकप्रिय बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। साल 2016 में रियो ओलंपिक में रजत पदक जीतने के बाद पी वी सिंधु ने प्रसिद्धि पायी हैं और इसी के साथ ओलंपिक में रजत पदक जीतने वाली वह पहली और सबसे कम उम्र वाली भारतीय महिला बन गईं थी। साइना नेहवाल के बाद ओलंपिक पदक को जीतने वाली पी वी सिंधु दूसरी भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी हैं।

बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में पी वी सिंधु ने साल 2013 में कांस्य पदक भी जीता हैं। कास्य पदक जीतने वाली वह ऐसा पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं थी। इसके अलावा अगले ही साल पी वी सिंधु ने एक और कांस्य पदक जीता था। अपने देश के लिए पी वी सिंधु कई पदक जीत चुकी हैं। मार्च 2015 में भारत के चौथे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म श्री से पी वी सिंधु को सम्मानित भी किया गया हैं।

खेल में गहरी रुची रखने वाले परिवार में पैदा होने से पी वी सिंधु को खेल में सफल होने में मदद मिली हैं। उनके कोच का नाम पुलेला गोपीचंद हैं, उनके अनुसार पी वी सिंधु की सफलता खेल के प्रति दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता यही कारण हैं।

पी वी सिंधु का करिअर (P V Sindhu Biography of career)

पी वी सिंधु ने साल 2009 में कोलंबो में सब-जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप में बैडमिंटन खिलाड़ी के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेला था और उस खेल में उसने  कांस्य पदक भी जीता था। उसके बाद वह साल 2010 में पी वी सिंधु ने ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज में खेली और वहा उसने रजत पदक जीता था। पी वी सिंधु ने डगलस कॉमनवेल्थ यूथ खेल में साल 2011 में इस खेल में स्वर्ण पदक जीता हैं और यह उनकी जिंदगी का महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट था।

उनके जीवन में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साल 2012 में हुआ था, जब उन्होंने ली निंग चाइना मास्टर्स सुपर सीरीज़ इस प्रतियोगिता में साल 2012 के लंदन ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता चीन की ली ज़ुएरुई को हराया था। साल 2013 में पी वी सिंधु बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं थी। इसके बाद पी वी सिंधु ने साल 2016 के ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के सेमीफाइनल में जापानी नोज़ोमी ओकुहारा को भी हराया था।

पीवी सिंधु का परिवार (P V Sindhu Family)

पी वी सिंधु एक हिंदू परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पी.वी. सिंधु के परिवार में पहले से ही खेल की परम्परा चली आयी हैं। सिंधु के पिता का नाम पी वी रमना हैं और वह पेशे से एक भारतीय वॉलीबाल खिलाडी हैं। उनकी माता का नाम पी. विजया हैं और वह भी पेशे से एक भारतीय वॉलीबाल खिलाडी हैं। वह दोनों भी राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी हैं। पी वी सिंधु को बचपन से ही उसके माता पिता ने खेलों में अपना करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया था।

जिस छोटी सी उम्र में बचें मौज मस्ती करते हैं, उतनी छोटी सिर्फ छह साल की उम्र में पी वी सिंधु ने बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था।

उनके परिवार में इन सबके अलावा सिंधु की एक बड़ी बहन भी है और उसका नाम दिव्या है और वह पेशे से डॉक्टर हैं, लेकिन वह भी नेशनल लेवल पर हैंडबॉल खेल चुकी हैं। कुछ समय बाद उनकी बहन ने अमेरिका के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनुराग कुमार से शादी कर ली। पी वी सिंधु का पूरा परिवार ही खिलाडियों का परिवार हैं।

पी. वी. सिंधु की जीत और पदक

• सब-जूनियर एशियाई बैडमिंटन चैंपियनशिप इस प्रतियोगिता में साल 2009 में कांस्य पदक मिला हैं।

• ईरान फज्र इंटरनेशनल बैडमिंटन चैलेंज इस प्रतियोगिता में साल 2010 में सिल्वर यह पदक मिला हैं।

• एशिया यूथ अंडर 19 चैंपियनशिपचैंपियनशिप में साल 2012 में वह विजेता रही थी।

• सैयद मोदी इंडिया ग्रां प्री गोल्ड में साल 2012 में वह उपविजेता रही थी।

• मलेशियाई ओपन इस प्रतियोगिता में वह विजेता रही थी।

• BWF विश्व चैंपियनशिप इस प्रतियोगिता में साल 2013 में उसे कांस्य पदक मिला था।

• मकाऊ ओपन ग्रां प्री इस प्रतियोगिता में साल 2013 में वह विजेता रही थी।

• BWF विश्व चैंपियनशिप इस प्रतियोगिता में साल 2014 में उसने कांस्य पदक जीता था।

• मकाऊ ओपन ग्रां प्री इस प्रतियोगिता मे साल 2015 वह विजेता रही थी।

• साल 2016 में मलेशिया मास्टर्स ग्रां प्री गोल्ड इस प्रतियोगिता में वह विजेता रही थी।

• साल 2016 में उसने रियो ओलंपिक इस प्रतियोगिता में सिल्वर यह पदक जीता हैं।

• इंडिया ओपन सुपर सीरीज इस प्रतियोगिता में वह विजेता रही थी।

• साल 2014 में उसने BWF विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर यह पदक जीता हैं।

• साल 2017 में कोरिया ओपन सुपर सीरीज में वह विजेता रही थी।

• साल 2017 में वह दुबई वर्ल्ड सुपर सीरीज की उपविजेता रही थी।

• साल 2018 में राष्ट्रमंडल खेल इस प्रतियोगिता मे रजत पदक जीता हैं।

दोस्तों आज अपने P V Sindhu Biography In Hindi इस पोस्ट के माध्यम से पी वी सिंधु की जीवनी के बारे काफी जानकारी को जाना हैं और उनके जीवन के अबतक के सफर को भी जाना हैं। हमे आशा हैं, की हमारा यह पोस्ट आपको अच्छा लगा होगा। आपको हमारा P V Sindhu Biography In Hindi यह पोस्ट लगा हो, तो इसे अपने दोस्तों के साथ share जरूर करो।

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